भारत सरकार द्वारा बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाए जाने वाली सबसे ज्यादा प्रचलित योजना है। आज हम सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में विस्तार से जानेंगे।
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सुकन्या समृद्धि योजना क्या है?
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के थीम पर लॉन्च योजना है जो जन्म से 10 वर्ष तक के बेटियों के पढ़ाई और उनके शादी के खर्च लिए यह योजना लाई गई है इस योजना में कम से कम 250 रु और अधिकतम 150000 रु जमा कर सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ -
ब्याज दर -
टैक्स फ्री -
निश्चित ब्याज दर -
सुकन्या समृद्धि योजना में सरकार द्वारा निर्धारित फिक्स ब्याज मिलता है। इसमें हर तिमाही में ब्याज दर की समीक्षा की जाती है। वर्तमान में इसकी ब्याज दर 8.2% है।
खाता ट्रांसफर आसान -
इस खाता को एक जगह से दूसरी जगह पर आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है।
क्षमता के अनुसार निवेश -
सुकन्या समृद्धि योजना में अपने आवश्यकता और क्षमता के अनुसार निवेश कर सकते हैं। इसमें कम से कम 250 रु और अधिकतम 150000रु तक जमा कर सकते हैं।
कंपाउंडिंग रिटर्न -
इस खाता में पीपीएफ खाता की तरह उसमें मिलने वाली ब्याज पर भी ब्याज मिलता है जिसे कंपाउंडिंग कहते हैं। अर्थात् कंपाउंडिंग का लाभ मिलता है।
सुकन्या समृद्धि योजना के नुकसान -
• लॉक इन पीरियड होने की वजह से पैसे नहीं निकाल सकते हैं । यह खाता 21 साल तक चलता रहता है इसके लिए आपको 21 साल का लंबे इन्तजार करना पड़ता है ।
• सुकन्या समृद्धि खाता में आपको हर साल न्यूनतम राशि 250 रु जमा करना जरूरी होता है। न्यूनतम राशि जमा नहीं करने पर पेनाल्टी देना पड़ता है।
• सुकन्या समृद्धि योजना केवल 10 साल तक के लड़कियों के लिए ही है। इसमें 10 साल से अधिक की लड़कियां खाता नहीं खोल सकती हैं।
• सुकन्या समृद्धि योजना केवल लड़कियों के लिए है इसमें लड़के खाता नहीं खोल सकते हैं।
• सुकन्या समृद्धि योजना के खाता खोलने के बाद आप उसे 5 साल के पहले बंद नहीं कर सकते हैं।
• लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए केवल 50% राशि ही निकालने की अनुमति है। इससे ज्यादा राशि नहीं निकाल सकते हैं।
• सुकन्या समृद्धि योजना में अन्य निवेश माध्यमों से कम ब्याज मिलता है। जैसे म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार आदि में ज्यादा रिटर्न मिलता है।
सुकन्या समृद्धि योजना के नियम व शर्तें -
• यह योजना केवल जन्म से 10 वर्ष तक के लड़कियों के लिए ही है।
• इस योजना में साल में कम से कम 250 रु और अधिकतम 150000 रु जमा करना अनिवार्य होता है।
• सुकन्या समृद्धि खाता एक बच्ची के नाम पर केवल एक खाता ही खोलने की अनुमति है।
• एक परिवार में जन्मे दो बच्चों का ही खाता खोला जा सकता है।
विशेष स्थिति में है दो से अधिक खाता खोलने की अनुमति है जैसे- पहले बच्चा लड़की हुई हैं और दूसरे में जन्मे बच्चे जुड़वा लड़की हों। इसी स्थिति में तीन खाता खोलने की अनुमति है।
सुकन्या समृद्धि योजना के मैच्युरिटी अवधि -
इस योजना में 15 साल तक निवेश करना पड़ता है उसके बाद निवेशित राशि पर ब्याज मिलता रहता है जब तक खाता धारक की उम्र 21 वर्ष न हो। हालांकि खाता धारक बालिका की उम्र 18 वर्ष होने पर उसके शादी के लिए इस योजना से पैसे निकालने की अनुमति है।
सुकन्या खाता कौन सी बैंक में खुलवाना चाहिए?
1. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
2. पोस्ट ऑफिस
3. एचडीएफसी बैंक
4. आईसीआईसीआई बैंक
5. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
6. एक्सिस बैंक
7. पंजाब नेशनल बैंक
8. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
9. आईडीबीआई बैंक
10. इंडियन ओवरसीज बैंक
11. यूको बैंक
12. बैंक ऑफ बड़ौदा
13. बैंक ऑफ महाराष्ट्र
14. इंडियन बैंक
15. केनरा बैंक
सुकन्या समृद्धि योजना की अन्य विशेषताएं
• अगर कोई खाता धारक साल में इस योजना के न्यूनतम राशि 250 रु जमा नहीं कर पाता है तो ऐसी स्थिति में वह खाता बन्द हो जाता है और इसे 'डिफॉल्ट खाता' कहा जाता है। हालांकि बंद खाता में जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है। इसे दोबारा खोलने के लिए न्यूनतम राशि 250रु और कुछ जुर्माना रशि जमा करके पुनः खाता शुरु किया जा सकता है।
• खाता धारक बालिका की उम्र 18 वर्ष होने पर जरूरी दस्तावेज जमा करके वह अपने खाता को खुद मैनेज कर सकती हैं।
• सुकन्या समृद्धि योजना में खाता धारक लड़की की पढ़ाई के लिए 50% राशि निकालने की अनुमति है।
सुकन्या समृद्धि योजना में टैक्स बेनिफिट्स -
इस योजना में टैक्स नियम 80 सी के तहत 150000 रु तक की जमा राशि पर कोई टैक्स देना नहीं पड़ता और न ही मैच्युरिटी पर कोई टैक्स देना पड़ता है। यह SSY पूरी तरह से टैक्स फ्री है।
निष्कर्ष -
भारत के बेटियों को आगे बढ़ाने व उनकी पढ़ाई और उनके शादी के लिए बहुत ही अच्छी योजना है। इसमें टैक्स लाभ के साथ एक अच्छा राशि जमा किया जा सकता है। अभिभावक इस योजना में निवेश करके अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं।

